सहज
स्पंद
भावनाओ
से अभिभूत
आंधी से
प्रत्यक्षता
करते है,
तो सहजता की
झोंपड़ी में,
बैठी,
सरलता,
ना चाहते हुए भी,
कंपित
हो ही जाती है.
स्पंद
भावनाओ
से अभिभूत
आंधी से
प्रत्यक्षता
करते है,
तो सहजता की
झोंपड़ी में,
बैठी,
सरलता,
ना चाहते हुए भी,
कंपित
हो ही जाती है.
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