चेतना के रंग
Thursday, November 21, 2013
दिल संगम
मन इतना पवित्र हो गया है की..
शरीर ही प्रयाग बन गया है..
दिल संगम ,
भावनाए कुम्भ में सनान कर रही है..
अब कहा जाये.
ऐसी अवस्था में
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January 24
, 13
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