देश की बेटियों को
बेरहमी से पुलिस द्वारा पिटा जाता है,
जब वो
देश की बेटी की इज्ज़त की बात करती है,
जब एक गरीब किसान
अपनी जमीन,
सरकार को ना देना चाहता हो तो,
उसको गोली मार दी जाती है,
बेरहमी से जला दिया जाता है.
आत्महत्या के लिए मजबूर कर दिया जाता है,
जब देश की प्रजा,
भ्रस्टाचार मिटाने की बात करते है, तो,
जवाब में,
लाठी खाती है,
मार खाती है,
जेल जाती है,
जब जब हिंदुस्तान में प्रजा अपने अधिकारों की मांग करती है
तो लज्जित होती है,
और बेशरम प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति के मुह से,
निंदा के दो शब्द तक नहीं निकलते,
सिर्फ, जनता को भयभीत करने का आदेश दिया जाता है.
लगता है,
औरंगजेब की सरकार है,
-December 22, 2012
बेरहमी से पुलिस द्वारा पिटा जाता है,
जब वो
देश की बेटी की इज्ज़त की बात करती है,
जब एक गरीब किसान
अपनी जमीन,
सरकार को ना देना चाहता हो तो,
उसको गोली मार दी जाती है,
बेरहमी से जला दिया जाता है.
आत्महत्या के लिए मजबूर कर दिया जाता है,
जब देश की प्रजा,
भ्रस्टाचार मिटाने की बात करते है, तो,
जवाब में,
लाठी खाती है,
मार खाती है,
जेल जाती है,
जब जब हिंदुस्तान में प्रजा अपने अधिकारों की मांग करती है
तो लज्जित होती है,
और बेशरम प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति के मुह से,
निंदा के दो शब्द तक नहीं निकलते,
सिर्फ, जनता को भयभीत करने का आदेश दिया जाता है.
लगता है,
औरंगजेब की सरकार है,
-December 22, 2012
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