अगर बेशर्त प्रेम करती तो , पा लेती,
इतने सवालो में उलझा दिया तुमने,
खुद की चेतना को,
अगर दिल की सुनती तो ,
पा लेती,
बार बार अगर ना सोचती,
मेरे वर्तमान के बारे में,
तो, भविष्य को
पा लेती.
भविष्य की
उधेरबुन में,
ना उलझती तो,
पा लेती,
काश, कशिश से मेरी कविताओ में,
खुद को पाया होता तो,
पा लेती मुझको.
-January 1, 13
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