चेतना के रंग
Friday, July 23, 2010
हिमपात
आज कुदरत ने हिमपात
ज़ोरदार नहीं किया....
बस किया है
हिम का छिड़कान...
रास्ते गीले हैं हल्की-हल्की ....
लकीरों-सी सफ़ेदी है.....
पेड़ों पर,
पत्तों पर जैसे कोई चित्रकार.....
हल्के-हल्के सफ़ेद रंग
करते-करते...
सो गया हो. . .
January 21 at 10:36pm
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