Friday, July 23, 2010

उसने गरम चाय बनायीं

कल बारिश की बूंदा बांदी में ,
रात के हसींन मौसम में,
उसने गरम चाय बनायीं ,
चाय में अदरक का सवाद,
वाह ताज की रंगत
...उसकी हंसी, वो प्यार , वो मीठास ..
कानो में अभी तक सपन्दित हो रही है
ऐसा लगता है जैसे खवाब था,
शायद खवाब ही था. :)

May 18 at 8:53pm

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