चेतना के रंग
Friday, July 23, 2010
हलचल कर गया
सावन की झड़ी में
मीठी मीठी
मृदुल उमंग में
तरल तरंग में
उसका लाल रंग
...का सुट
वो सुंदर काले बाल
वो हिरनी जैसी चाल
नीली झील
की तरह
मेरे शांत
हर्दय में
हलचल
कर गया
लिखा गया : विलहम स्ट्रासे, कल शाम को :)
23 July
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