चेतना के रंग
Friday, July 23, 2010
इतना कुछ था दुनिया में...
इतना कुछ था दुनिया में...
लड़ने झगड़ने को..
पर ऐसा मन मिला...
कि ज़रा-से प्यार में डूबा रहा....
और जीवन बीत गया..
December 13, 2009 at 11:07pm
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