चेतना के रंग
Friday, July 23, 2010
मेरी कविता
मेरी कविता
कभी अवज्ञा करती नहीं
तुम्हारे मन के भावों की ..
आशाओं की ...
मैं निष्ठा से सुनता रहता ...
हर धड़कन तेरे दिल की
November 1, 2009 at 3:22am
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