चेतना के रंग
Friday, July 23, 2010
तुझे देख कर
तुझे देख कर जग वाले पर
यकीन नहीं क्यूं कर होगा
जिसकी रचना इतनी सुंदर,
वो कितना सुंदर होगा.
August 21, 2009 at 12:25am
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment