चेतना के रंग
Friday, July 23, 2010
मां
'बेसन की सौंधी रोटी पर
खंट्टी चटनी जैसी मां
याद आती है
चौका, बेसन,
चिमटा, फूंकनी
जैसी मां,
आधी सोई,
आधी जागी,
थकी दोपहरी
जैसी मां।'
October 12, 2009 at 3:17am
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