चेतना के रंग
Friday, July 23, 2010
कोई नाम ना दो
हमने देखी हैं उन आंखों की महकती खुशबू ,
हाथ से छुके उसे रिश्तों का इल्जाम ना दो ,
सिर्फ़ एहसास हैं ये रूह से ही महसूस करों,
प्यार को प्यार ही रहने दो
..
कोई नाम ना दो ...
October 5, 2009 at 1:13am
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